पटना के खान सर कैसे बने फैज़ल खान? मामले की पूरी कहानी जानिए 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने “खान सर” कहकर संबोधित किया, तो बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि “क्या आप उनके शिष्य हैं? अगर नहीं, तो उन्हें ‘खान सर’ क्यों कह रहे हैं?” इधर, पटना स्थित मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर को कोई ‘खान जी’ तो कोई ‘फैजल खान’ कहकर संबोधित कर रहा है। गरीब छात्रों के मसीहा के तौर पर पहचान वाले खान सर आखिर फैजल खान कैसे हो गए?

आसान भाषा में पूरी कहानी जानिए 

पटना भारत के सबसे बड़े एजुकेशन और कोचिंग हब में से एक है। यहां का कोचिंग व्यापार लगभग 15,000 करोड़ रुपये का है। पटना में कोचिंग हब मुसल्लहपुर में आस-पास स्थित दो फेमस कोचिंग सेंटरों खान ग्लोबल स्टडीज के मालिक खान सर और और ज्ञान बिंदु जी एस एकेडमी के टीचर रोशन आनन्द के बीच अदावत की पूरी कहानी हम आपको बताते है। जिसके कारण पटना इस समय शिक्षा के गढ़ के साथ-साथ कोचिंग संचालकों के बीच आपसी रंजिश का बड़ा अखाड़ा बन चुकी है। 

2 जून की रात खान सर की कोचिंग के बाहर फायरिंग का दावा किया गया। खान सर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि इतनी गोली चला कि 10 मिनट में ऐसा लगा कि अफरा-तफरी हो गया। 8-10 राउंड हम देखें हैं, सबको पता है कि बगल का कोचिंग वाला है। उसने कहा था कि खान सर का कोचिंग 2 दिन में उड़ा देंगे। इन लोग का बस यही हैं कि इतने कम फीस में नहीं पढ़ाया जाए। 

3 जून को पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर फायरिंग की बात से इनकार किया। केवल पथराव और मारपीट की पुष्टि की। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद खान सर फायरिंग वाले बयान से पीछे हट गए। घटना को मारपीट और पथराव बताया। पटना पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत प्रिंस गौरव और अभिषेक को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जेल जाते समय रौशन आनंद ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि ये खान सर की साजिश है।

4 जून को ज्ञान बिंदु कोचिंग ने एक वीडियो जारी किया। इसमें खान सर के गार्ड गोली चलाते दिखे।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची। पूछताछ के बाद दोनों गार्ड गिरफ्तार किए गए। गार्डों ने गोली चलाने की बात कबूल की। पटना टाउन डीएसपी (मध्य) कार्यालय की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक घटना से संबंधित मिले एक वीडियो में खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े दो बॉडीगार्ड हवाई फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। इन दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसमें इस्तेमाल हथियार को जब्त करके एफएसएल जांच के लिए भेजा जा रहा है। 

अब पटना सिविल कोर्ट में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखे जाने के संबंध में उनके वकील अरविंद कुमार माव्वर ने कहा कि फैसला सुना दिया गया है। इसे सुरक्षित रख लिया गया है और आगे की कार्रवाई पर निर्णय इसके बाद लिया जाएगा, मैंने सभी तथ्य रिकॉर्ड पर रख दिए हैं। वहीं ज्ञान बिंदु कोचिंग के छात्र-शिक्षक ने आरोप लगाया है कि पुलिस जानबूझकर खान सर को गिरफ्तार नहीं कर रही है। 

पुरानी रंजिश की कहानी 

उत्तर प्रदेश के देवरिया में बशीर खान के घर जन्मे खान सर बाद में परिवार समेत पटना में बस गए। फैजल खान का सपना आर्मी जॉइन करना था। उनके बड़े भाई खुद कमांडो हैं। उनकी मानें तो छात्र जीवन में ही परिवार को सपोर्ट करने के लिए उन्होंने वेल्डिंग का काम किया और जेसीबी भी चलाई। 2010 से कोचिंग पढ़ रहे खान सर 2019 में यूट्यूब पर आए और कोरोना लॉकडाउन में इंटरनेट पर छा गए। वर्ष 2021 में खान ग्लोबल स्टडीज के नाम से ऐप्प लॉच किया और इसे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में तब्दील कर दिया।

पटना कॉलेज में पढ़ रहे अमित एनएसयूआई से जुड़े है। वह बताते हैं कि,”दोनों कोचिंग संस्थानों में छात्रों के सिलेक्शन के आंकड़ों को लेकर हमेशा प्रतिस्पर्धा रहती है। पटना में बिहार संबंधित परीक्षाओं की तैयारी का लगभग 80 से 90 प्रतिशत बाजार पर खान सर और ज्ञान बिंदु का कब्जा रहता है। खान सर ऑनलाइन फेमस है लेकिन ऑफलाइन मार्केट की बात करें को दोनों का मामला उन्नीस-बीस का है।”

वर्ष 2020 में भी खान सर ने रोशन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मुसल्लहपुर हाट में एक ही कैंपस में कोचिंग होने की वजह से टकराव की संभावना और ज्यादा बढ़ जाती है। कभी कोचिंग संस्थानों के बीच जो आम कंपटीशन माना जाता था, वह अब दबदबे और इन्फ्लुएंसर इमेज को लेकर एक बड़ी लड़ाई में तब्दील हो गई है।

विरोध और समर्थन में आवाज

इस पूरे वाकया के बाद खान सर के विरोध और समर्थन में कई लोग सोशल मीडिया और धरातल पर बात कर रहे हैं। रोशन सर के समर्थन में निकली भीड़ ने खान सर के खिलाफ भी नारेबाजी की। जिनमें प्रदर्शनकारी छात्र ‘खान सर चोर हैं’ भी कहते दिख रहे हैं।

छात्र नेता खुशबू पाठक कहती हैं कि,”खान सर को सर कहने में भी शर्म आती है। वो छात्रों को बताते हैं कि पत्थर और गोली चलाओ। क्लासरूम में लड़कियों पर टिप्पणी करते हैं। लिपिस्टिक ये वो दिस, दैट, महिलाओं पर भद्दी-भद्दी टिप्पणियां करते हैं।”

खान सर के गांव के लोगों ने उन पर बड़ा आरोप लगाया है कि, उन्हें पैसों का बहुत घमंड है जिसकी वजह से आम लोगों को प्रताड़ित करते है साथ ही प्रशासनिक पावर का गलत इस्तेमाल करते है।

वहीं छात्र भावना मौर्य बताती है कि,”खान सर सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि लाखों युवाओं की उम्मीदों और संघर्षों का प्रतीक हैं। उन्होंने शिक्षा को आम छात्रों की पहुँच में लाकर उसे सस्ता और सरल बनाया, जिससे वर्षों से चल रहे महंगे कोचिंग तंत्र और शिक्षा के नाम पर होने वाले शोषण को बड़ी चुनौती मिली। आज लाखों विद्यार्थी उनकी वजह से कम खर्च में बेहतर शिक्षा प्राप्त कर पा रहे हैं।”

वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत भूषण लिखते हैं कि जिस ख़ान सर ने इतनी सस्ती ऑनलाइन एजुकेशन करोड़ों लोगों को दी, उनको आज ये सरकार और उनका चाटुकार मीडिया दंगई घोषित करने की कोशिश कर रही है!

वर्चस्व की लड़ाई मोकामा में ही नहीं मुसल्लहपुर हाट में भी लड़ी जा रही

स्थानीय और वरिष्ठ पत्रकार परमवीर सिंह बताते हैं कि,”फैजल खान उर्फ खान सर और रोशन आनंद में आपसी प्रतिस्पर्धा का मामला है। पुलिस भर्ती की सफलता का क्रेडिट लेने की प्रतिस्पर्धा थी। शुरुआत में फैजल खान के बयान और बिना समुचित जांच के पुलिस ने ज्ञान बिंदु एकेडमी के मालिक कोचिंग संचालक रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया। पिछले कुछ वर्षों में कोचिंग मालिक राजनीति के अलावा राजनीति शुरू कर दिए है। हर छात्र आंदोलन के पीछे ये कोचिंग वाले खड़े रहते हैं। पटना में जिस तरह कोचिंग टीचर पहले इंफ्लूएंसर बने और अब अपने झगड़ों में छात्रों की ताकत दिखा रहे। आपस में गुंडों की तरह लड़ रहे, यह बिल्कुल उचित नहीं।” 

पत्रकार भरत सूरज लिखते हैं कि बिहार में वर्चस्व की लड़ाई अब सिर्फ मोकामा में ही नहीं बल्कि मुसल्लहपुर हाट में भी लड़ी जा रही है। पहले पटना पुलिस कहती है कि कोई गोली नहीं चली, फिर फैसल खान के गार्ड का गोलीबारी करते वीडियो वायरल हुआ तो उनके गार्ड को गिरफ्तार कर खानापूर्ति की गई। जब रौशन आनंद की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस से सवाल पूछे जाने लगे तो फैसल खान के ऊपर भी FIR दर्ज होने का हल्ला मचाया गया। मकसद साफ है कि फैसल खान पर किसी भी तरीके से कोई आंच न आए और पटना में सरकारी नौकरी के सिंडिकेट वाले कोचिंग गिरोह में इस बार भी फैसल खान के वर्चस्व का परचम ही लहराये। पटना पुलिस और बिहार सरकार फैसल खान की गिरफ्तारी को लेकर तमाम ड्रामेबाजियां करते रही। 

छात्र नेता दिलीप कुमार बताते हैं कि दो कोचिंग संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई को सिर्फ कोचिंग के बीच की लड़ाई के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इसे जाति और धर्म के नजरिए से नही देखना चाहिए। कोचिंग संस्थानों के बीच हो रहे इस झगड़े से अंतत: छात्रों का ही नुकसान हो रहा है। कोचिंग संस्थानों के बीच आपसी भाईचारा, सद्भाव एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक समन्वय समिति बनाई जानी चाहिए जो कोचिंग संस्थानों एवं शिक्षकों के बीच मतभेद या झगड़ा-लड़ाई होने की स्थिति में आपस में बातचीत कर मामले का निपटारा कर सकें।

हर नागरिक को अपनी राय रखने का अधिकार है। सहमति या असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, पर असहमति के नाम पर अपमान, मजाक उड़ाना या किसी को आतंकवादी से जोड़कर तुलना करना स्वीकार्य नहीं है। कल तक जो आपके लिए खान सर थे, आज अचानक फैजल खान हो गए। मतभेद रखें, पर वैमनस्य न बढ़ाएं। विचारों का विरोध करें, इंसानियत और सम्मान नहीं।

(राहुल गौरव रिपोर्टर हैं।)

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